
अभिजीत दिपके ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शनों से मिली “लोकतंत्र की जीत” बताया, लेकिन साथ ही कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक दुर्व्यवहार के आरोपी पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं होती और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवज़ा नहीं दिया जाता।
शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल था, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफ़े की घोषणा की। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस घटनाक्रम को “लोकतंत्र की जीत” बताया और सरकार को कार्रवाई करने के लिए मजबूर करने का श्रेय NEET पेपर लीक विवाद को लेकर छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन को दिया।
विरोध स्थल पर जमा सैकड़ों समर्थकों को संबोधित करते हुए दिपके ने कहा कि इस्तीफ़े से सामूहिक कार्रवाई और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध की ताकत का पता चलता है। ज़ोरदार नारों और उत्साह के बीच मुख्य मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने दिखा दिया है कि आम नागरिक सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह ठहरा सकते हैं।


Author: Goa Samachar
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