गोवा देगा गुजरात-महाराष्ट्र को टक्कर
पणजी: निवेश और बिजनेस के मामले में छोटे से राज्य गोवा ने देश के बड़े-बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए एक ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। नीति आयोग द्वारा जारी साल 2026 के ‘इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स’ में गोवा ने देश के कुल 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चौथा स्थान हासिल कर सबको चौंका दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के विजनरी नेतृत्व में 100 अंकों में से 53.1 का दमदार स्कोर लाकर गोवा ने साबित कर दिया है कि वह देश के उन चुनिंदा पांच राज्यों में शामिल है, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ‘टॉप परफॉर्मर्स’ का तमगा मिला है। इतना ही नहीं, अगर बात ‘सिटी स्टेट्स और केंद्र शासित प्रदेशों’ की करें, तो गोवा इस लिस्ट में दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे शहरों को पछाड़कर शान से नंबर वन की गद्दी पर बैठा है। इस महा-मुकाबले में 56.6 अंकों के साथ गुजरात सबसे आगे रहा, जबकि महाराष्ट्र 53.7 अंकों के साथ दूसरे और तमिलनाडु 53.3 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर रहे, जिसके ठीक बाद गोवा ने अपनी धमक दिखाई ।
नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा में नया बिजनेस शुरू करना और उसे चलाना बेहद आसान है, जिसके कारण ‘रेगुलेटरी ईज’ के मामले में गोवा ने पूरे देश में सबसे शानदार 71% का स्कोर हासिल किया है। इसके अलावा इंस्टीट्यूशनल एनवायरनमेंट में 66% और फाइनेंशियल हेल्थ में 61% का मजबूत स्कोर राज्य की तरक्की की गवाही दे रहा है। गोवा के युवाओं का दिमाग भी बड़ा तेज है, क्योंकि मुख्यमंत्री सावंत के फोकस के चलते राज्य ने अपनी कैटेगरी में स्किलिंग और हेल्थकेयर पर सबसे ज्यादा खर्च किया है। यही वजह है कि उच्च शिक्षा लेने वाले करीब 25% छात्र अकेले STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) कोर्सेज की पढ़ाई कर रहे हैं, जो कि वोकेशनल ट्रेनिंग कैपेसिटी के साथ इस कैटेगरी में देश में सबसे ज्यादा है। इसके साथ ही गोवा का इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसोर्सेज पिलर में 56-56% का दमदार स्कोर रहा है। पूरे भारत की जीडीपी में महज 0.35% का योगदान देने के बावजूद गोवा के दो-दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स देश की कुल हवाई क्षमता का करीब 3% संभालते हैं और यहाँ के पोर्ट्स भी देश की कुल क्षमता का 3% हिस्सा कवर करते हैं, जिनमें कंटेनर्स और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के लिए स्पेशल टर्मिनल्स बने हैं।
इस शानदार कामयाबी के पीछे राज्य सरकार द्वारा क्लीन एनर्जी और मजबूत कनेक्टिविटी पर दिया गया जोर है, जिसकी वजह से गोवा पूरे देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली मिक्स में ‘रिन्यूएबल एनर्जी’ का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाला राज्य बन गया है। यहाँ बिजली का ट्रांसमिशन नुकसान सिर्फ 7% तक सिमट कर रह गया है और उद्योगों को बिना किसी कटौती के चौबीसों घंटे बिजली मिलती है। नीति आयोग की यह रिपोर्ट साफ दिखाती है कि मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के नेतृत्व में सरकार एक पारदर्शी, कुशल और फ्यूचर-रेडी बिजनेस इकोसिस्टम बनाने में सफल रही है। हालाँकि, इस जश्न के बीच नीति आयोग ने कुछ कमजोर कड़ियों की तरफ भी इशारा किया है, जिसमें वित्त वर्ष 2024 में राज्य का वित्तीय घाटा बढ़कर 6.7% होना और पर्यावरण मंजूरी मिलने की प्रक्रिया का थोड़ा धीमा होना शामिल है। इसके बावजूद, राज्य सरकार का साफ कहना है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के दम पर गोवा आने वाले समय में और भी बड़े जिम्मेदार निवेश को आकर्षित करेगा, जिससे यहाँ के स्थानीय युवाओं के लिए शानदार नौकरियों और तरक्की के नए दरवाजे खुलेंगे
Author: Goa Samachar
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