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भारत की राष्ट्रपति ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता प्रबंधन क्षेत्र का अवलोकन किया
कूनो : मध्य प्रदेश के श्योपुर और मुरैना ज़िलों में स्थित कुनो राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 1981 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था तथा इसकी पारिस्थितिकीय महत्त्व को देखते हुए वर्ष 2018 में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा प्रदान किया गया। यह राष्ट्रीय उद्यान चंबल नदी की प्रमुख सहायक नदी कुनो के नाम पर रखा गया है और यहाँ मुख्यतः शुष्क पतझड़ वन पाए जाते हैं |यह विंध्य पर्वतमाला में स्थित है।
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 21 जून, 2026 को मध्य प्रदेश स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण किया। उन्होंने राष्ट्रीय उद्यान के चीता प्रबंधन क्षेत्र का अवलोकन किया। उन्हें प्रोजेक्ट चीता के संबंध में वन मंडलाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई। नवंबर 2025 में बोत्सवाना की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति बोत्सवाना द्वारा भारत को आठ चीतों के प्रतीकात्मक हस्तांतरण की साक्षी बनी थीं। ये चीते फरवरी 2026 में कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाए गए थे।
17 सितंबर, 2022 को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया प्रोजेक्ट चीता जैव-विविधता के पुनर्स्थापन के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत में विलुप्त हो चुके चीते का पुनर्प्रवेश कराना है। प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत कूनो राष्ट्रीय उद्यान को भारत के प्रथम चीता पुनर्प्रवेश स्थल के रूप में विकसित किया गया है, क्योंकि यहां चीतों के लिए उपयुक्त आवास, पर्याप्त शिकार आधार तथा न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप उपलब्ध है।

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का प्रथम दल सितंबर 2022 में नामीबिया से, द्वितीय दल फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से तथा तृतीय दल फरवरी 2026 में बोत्सवाना से लाया गया था।
कुनो राष्ट्रीय उद्यान मानसून के मौसम (1 जुलाई से 15 अक्टूबर) को छोड़कर पूरे वर्ष पर्यटकों के लिए खुला रहता है। हालांकि, चूंकि यह उद्यान उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में आता है और इसकी वनस्पति और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार, कुनो घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक है,
Author: Goa Samachar
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