पर्यावरण का बदलता रूप और उसके कारण

पर्यावरण का बदलता रूप और उसके कारण

पणजी : पर्यावरण में आजकल बहुत से बदलाव हो रहे है |अचानक गर्मी का बढ़ना और बारिश का होना , यह आम बात नहीं है यह सब पर्यावरण के बदलते स्वरूप का रूप है यह सब गाड़ी के प्रदूषण फैक्ट्री और हमारे द्वारा फैलाए कचरे के वजह से है । जहां

बारिश, गर्मी,ठंडी अपने समय और ऋतु द्वारा आती थी, अब वह बिन मौसम आ जाती है |

लोंगो का कहना है – मौसम का बदलना स्वाभाविक है क्योंकि लोग जंगल जला रहे है पेड़ो को काट के अपने घर और इमारत बंद रहे है, पानी को गंदा और उसका मचाएं इस्तमाल कर रहे है इसे जमीन बंजर और कमजोर हो रही है।

जब मैंने लोगों से पूछा कि आने वाले दो महीने कैसे होंगे?

तो लोगों ने बताया कि बारिश के मौसम में मिट्टी की सुगंध महक उठेगी चारों ओर हरियाली होगी मौसम ठंडा और शांत होगा रस्ते के बाजू से पानी बहेगा तालाब,नदी,नाले,और गड्ढों में पानी भरेगा बच्चे बारिश में भीगेंगे और झरने देखने के लिए जायेंगे

और तो और लोगों ने ये भी बताया कि बारिश में पकौड़े और गरम चीजें खाने का मज़ा बहुत होता है ।

कुछ लोगों के इसाब से ज्यादा बारिश के कारण पानी का स्तर बढ़ता है लोगों के घर नाश्त होते है और नए बीमारी का आगमन होता है ।

यह सब इसलिए होता है क्योंकि हम लोग प्रदूषण फैलाते हैं और इसके कारण आज पर्यावरण एक अलग रूप ले रहा है ।

हम सबको अपने पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए । हमें प्रदूषण को कम करना होगा और जगह-जगह पेड़ पौधों लगाने चाहिए इस तरह हमें पर्यावरण को नियंत्रित कर सकते है।

“हमें हमारे सुंदर प्राकृति को संभालना है उर उससे हमेशा संजोकर रखना है।” रिपोर्ट : मानस बेम्ब्रे

Goa Samachar
Author: Goa Samachar

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