

पणजी : मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने विश्व टीबी दिवस के अवसर पर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा के नेतृत्व में आयोजित ‘टीबी मुक्त भारत अभियान – 100 दिवसीय अभियान’ के राष्ट्रीय शुभारंभ में वर्चुअली (आभासी रूप से) हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान का मुख्य ज़ोर शीघ्र स्क्रीनिंग, समय पर निदान, पूर्ण उपचार और ‘जन भागीदारी’ पर है, जो ‘टीबी मुक्त भारत’ की दिशा में एक मज़बूत कदम है।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि गोवा शीघ्र पहचान, रोगी-केंद्रित देखभाल, जागरूकता और एक सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के माध्यम से इस राष्ट्रीय मिशन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है; जिसे गोवा बजट 2026-27 से भी और अधिक संबल प्राप्त होगा।
- भारत में 2015 से 2024 के बीच तपेदिक (टीबी) के नए मामलों में प्रतिवर्ष 21% की गिरावट आई है; इसी अवधि में टीबी से होने वाली मृत्यु दर में 28% की कमी आई है।
- टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत, 7 दिसंबर 2024 से, 20 करोड़ से अधिक संवेदनशील आबादी की टीबी के लिए जांच की गई है और 28 लाख से अधिक टीबी रोगियों का निदान किया गया है।
- 2024 के लिए 46,118 से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी-मुक्त प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है।
- दवा प्रतिरोधी टीबी रोगियों के लिए कार्यक्रम के तहत बेडाक्विलाइन, प्रेटोमैनिड, लाइनेज़ोलिड और मॉक्सीफ्लोक्सासिन युक्त एक नया, छोटा, सुरक्षित और अत्यधिक प्रभावी बीपीएएलएम उपचार शुरू किया गया है।
- भारत का एआई-संचालित टीबी कार्यक्रम खांसी की जांच के लिए एआई, छाती के एक्स-रे पढ़ने के लिए रेडियोलॉजी एआई और उच्च जोखिम वाले रोगियों की पहचान के लिए भविष्यसूचक विश्लेषण का उपयोग करता है।
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विश्व टीबीदिवस स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में टीबी के विनाशकारी परिणामों के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। यह हमें वैश्विक टीबी महामारी को समाप्त करने के प्रयासों को तेज करने की याद दिलाता है। यह 1882 के उस तारीख को चिह्नित करती है जब डॉ. रॉबर्ट कोच ने घोषणा की थी कि उन्होंने टीबी का कारण बनने वाले जीवाणु की खोज की है, जिसने इस बीमारी के निदान और इलाज का रास्ता खोल दिया है। |
भारत टीबी उन्मूलन की दिशा में अग्रसर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक टीबी रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत में सालाना उभरने वाले टीबी के नए मामलों में 2015-2024 से 21 प्रतिशत की कमी आई है।
टीबी क्या है?
टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण होता है, जो आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है। टीबी शरीर के अन्य हिस्सों, जैसे मस्तिष्क, गुर्दे या रीढ़ को भी प्रभावित कर सकता है।
Author: Goa Samachar
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