हमें अपने दर्शकों की संख्या से आगे बढ़कर ओरिजिनल भारतीय इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (बौद्धिक संपदा) बनाने की ज़रूरत है: मंत्री शेखावत

भारत को कंटेंट कंज्यूमर (उपभोक्ता) से आगे बढ़कर कंटेंट क्रिएशन (निर्माण) में विश्व लीडर बनना होगा: गजेंद्र सिंह शेखावत

भारत के पास सिर्फ़ कंटेंट ही नहीं, बल्कि संदर्भ (context) भी है — और AI के सब कुछ बदल देने के बावजूद मानवीय रचनात्मकता को केंद्र में रहना चाहिए: मंत्री शेखावत

हमें अपने दर्शकों की संख्या से आगे बढ़कर ओरिजिनल भारतीय इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (बौद्धिक संपदा) बनाने की ज़रूरत है: मंत्री शेखावत

मुंबई: भारत सरकार के पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ‘FICCI FRAMES 2026’ के 26वें संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि अगले 2-3 वर्षों में, दुनिया ऐसे कंटेंट की ओर बढ़ना शुरू कर देगी जिसमें AI की भागीदारी कम हो, जिसमें कम फ़िल्टर हों और जो पूरी तरह इंसानों द्वारा बनाया गया हो। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा, “इसलिए, जब हम बदलाव के इस दौर में अपने सामने मौजूद अवसर को अपना रहे हैं, तो हमें यह सुनिश्चित करने के लिए भी समान दृढ़ संकल्प के साथ काम करना होगा कि यह अवसर हमारी रचनात्मकता को कम न करे।”

FICCI FRAMES की थीम – ‘इंडियाज़ मीडिया मोमेंट: क्रिएटिंग वैल्यू इन एन एज ऑफ़ इनफिनिट कंटेंट’ (भारत का मीडिया का क्षण: असीमित कंटेंट के दौर में मूल्य का सृजन) पर बोलते हुए शेखावत ने कहा कि आज के समय में यह न केवल प्रासंगिक है, बल्कि अनिवार्य भी है। उन्होंने कहा, “यह असीमित कंटेंट का दौर है, और हमारी सबसे बड़ी चुनौती कंटेंट की कमी नहीं, बल्कि मौलिकता और मानवीय जुड़ाव है। भरोसा ही सबसे कीमती चीज़ है और हमें उस भरोसे को बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम करने की ज़रूरत है।”

उन्होंने कहा कि भारत के पास न केवल कंटेंट है, बल्कि संदर्भ, विविधता और कहानी कहने की परंपरा भी है। शेखावत ने कहा, “भारत दुनिया के लिए रचनात्मकता का सबसे बड़ा केंद्र है। आज भारत की संस्कृति, अर्थव्यवस्था, रोज़गार, वैश्विक स्थिति और पर्यटन को एक साथ आगे बढ़ाने का समय है। यही हमारी क्रिएटिव कैपिटल है।” तीन मुख्य बदलावों पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, “हमें भारत को सिर्फ़ कंटेंट का उपभोक्ता बनाने से आगे बढ़कर, कंटेंट बनाने और क्रिएटिविटी के मामले में इसे दुनिया का लीडर बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा। दूसरा, हमें सिर्फ़ दर्शकों की संख्या से आगे बढ़कर ओरिजिनल भारतीय इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी बनानी होगी और तीसरा, हमें स्क्रीन पर दिखने वाले भारत को असली भारत की यात्रा के अनुभव से जोड़ना होगा, ताकि कहानियाँ टूरिज़्म को बढ़ावा दें और टूरिज़्म से स्थानीय समृद्धि आए,” श्री शेखावत ने कहा।

नई टेक्नोलॉजी और मौकों के इस्तेमाल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि क्रिएटिव इकॉनमी कई सब-सेक्टर में बड़े मौके पैदा कर सकती है, जिनमें AVGC, XR, गेमिंग, वर्चुअल प्रोडक्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल हैं, जो कहानी कहने की नई भाषाएँ हैं। मंत्री ने कहा, “ये पुरानी सभ्यताओं और शहरों को जीवंत कर सकती हैं, म्यूज़ियम में किसी चीज़ की पूरी कहानी बता सकती हैं और युवा पीढ़ी को संस्कृति और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का नया तरीका दे सकती हैं।”

भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी (I&B) प्रभात ने कहा कि सरकार संस्थान, पॉलिसी फ्रेमवर्क, प्लेटफ़ॉर्म और अंतरराष्ट्रीय संबंध बना सकती है। लेकिन असल में, क्रिएटिव इकॉनमी क्रिएटर्स और इंडस्ट्री से बनती है। उन्होंने कहा, “भारत में मीडिया और एंटरटेनमेंट के विकास के अगले चरण में ओरिजिनल भारतीय इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी में ज़्यादा निवेश करने और नए लेखकों, क्रिएटर्स, म्यूज़िशियन, एनिमेटर्स और गेम डेवलपर्स को सपोर्ट करने की ज़्यादा इच्छाशक्ति दिखाने पर ध्यान देना होगा।”

जाने-माने एक्टर और FICCI FRAMES के एंबेसडर आयुष्मान खुराना ने कहा, “कोई कहानी भारत के किसी छोटे से शहर से शुरू हो सकती है और दुनिया में कहीं भी दर्शक पा सकती है। फ़ोन वाला एक क्रिएटर लाखों लोगों तक पहुँच सकता है। यही मौका हमारे सामने है। हमारे पास पहले से कहीं ज़्यादा कहानियाँ, आवाज़ें और उन्हें शेयर करने के तरीके हैं, और भारत की क्रिएटिव कल्पना को और भी बड़े ग्लोबल मंच पर ले जाने का मौका है।”

FICCI के प्रेसिडेंट और RPG ग्रुप के वाइस चेयरमैन अनंत गोयनका ने कहा कि भारत को अपने बड़े पैमाने को स्थायी मूल्य में बदलना चाहिए और हमारी कहानियाँ पूरी तरह से भारतीय होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें भारतीय कहानीकारों को ग्लोबल स्तर पर जाने के लिए आत्मविश्वास, पूँजी, टेक्नोलॉजी और पहुँच देनी चाहिए, बिना उनके काम की भारतीय पहचान को खोए।” इस इवेंट के दौरान, भारत के मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को आकार देने में शानदार योगदान और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए, केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने FICCI के पूर्व अध्यक्ष और JioStar के वाइस-चेयरमैन उदय शंकर को ‘FICCI FRAMES लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ दिया।

उदय शंकर ने कहा, “मीडिया समाज का एक अहम स्तंभ बना हुआ है। यह वह आधार है जिस पर समाज की कल्पना, भविष्य के लिए समाज की सोच और बेहतर ज़िंदगी, बेहतर दुनिया और बेहतर देश के लिए लोगों की उम्मीदें आकार लेती हैं।”

FICCI M&E कमेटी के चेयर और JioStar में एंटरटेनमेंट के CEO केविन वाज़ ने कहा, “जैसे-जैसे नए वैल्यू पूल सामने आ रहे हैं, हमें इंडस्ट्री के विकास और इनोवेशन के लिए सही माहौल बनाने की भी ज़रूरत है। रेगुलेटरी माहौल को लेकर ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर लंबे समय से संयम बरतने की मांग कर रहा है, क्योंकि इनोवेशन को आगे बढ़ने के लिए जगह की ज़रूरत होती है। और जैसे-जैसे हम विकास के अगले चरण की ओर बढ़ रहे हैं, खुद पर नियंत्रण (सेल्फ-रेगुलेशन) और इंडस्ट्री के बेहतरीन तौर-तरीके हमारे आगे बढ़ने के तरीके के केंद्र में होने चाहिए।”

FICCI M&E कमिटी के को-चेयर और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के साउथ एशिया MD, श्री अर्जुन नोहर ने कहा, “क्रिएटर्स को प्रयोग करने की आज़ादी और मौका चाहिए। टेक्नोलॉजी को नई संभावनाएँ खोलनी होंगी और साथ ही उन दर्शकों का भरोसा भी जीतना होगा जिनकी वह सेवा करती है। इन्वेस्टर्स को बाज़ार से आइडिया के सही साबित होने से पहले ही उन पर भरोसा करने की हिम्मत दिखानी होगी, और सरकार, पॉलिसी बनाने वालों और रेगुलेटर्स को भी बदलाव के साथ जुड़ने में उतनी ही अहम भूमिका निभानी होगी।”

उद्घाटन सत्र के दौरान FICCI की डायरेक्टर जनरल सुश्री ज्योति विज भी मौजूद थीं।

Goa Samachar
Author: Goa Samachar

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