बजट से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और भारत को ग्लोबल लीडर बनाने का लक्ष्य

केंद्रीय बजट 2026-27

युवा शक्ति संचालित बजट गरीब, शोषित व वंचित समुदायों पर विशेष ध्यान के सरकार के संकल्प पर जोर देता है
बजट 2026 से अर्थव्यवस्था को गति देने की कोशिश- निर्मला सीतारमण
विदेशी यात्रा पैकेज हुआ सस्ता

बजट से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और भारत को ग्लोबल लीडर बनाने का लक्ष्य

चिकित्सा पर्यटन सेवाओं के लिए भारत को एक वैश्वक केन्द्र के रूप में बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने राज्यों को सहायता देने के लिए एक योजना का प्रस्ताव दिया, जिसके तहत राज्य निजी क्षेत्र के सहयोग से पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केन्द्र स्थापित कर सकते है। यह केन्द्र एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल भवन के रूप में कार्य करेंगे, जिनमें चिकित्सा, शिक्षा और शोध करने की सुविधाएं मौजूद होगी। इन केन्द्रों में आयुष केन्द्र, चिकित्सा केन्द्र, पर्यटन केन्द्र एवं स्वास्थ्य जांच, बाद के देखभाल और पुनर्वास की अवसंरचना होंगी। यह केन्द्र डॉक्टर और एएचपी के साथ-साथ स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए विभिन्न नौकरियों का विकल्प प्रस्तुत करेगे। इसका लाभ गोवा को भी होगा।
केंद्रीय बजट लोकलुभावनवाद से ऊपर लोगों को प्राथमिकता देता है, विकास और लचीलेपन को बढ़ावा देता है: सीएम सावंत
डिजिटल गोवा, 1 फरवरी – सीएम प्रमोद सावंत ने रविवार को कहा कि दूरदर्शी और भविष्यवादी केंद्रीय बजट इनोवेशन, रोजगार, समावेशी विकास और एक लचीले भारत के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करता है।
बजट का स्वागत करते हुए, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत ने इसे साहसिक, सुधार-उन्मुख और जन-केंद्रित बताया, जो “लोकप्रियता से ऊपर लोगों” के दर्शन को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ राजकोषीय विवेक पर ध्यान देने से सार्वजनिक निवेश में विश्वास मजबूत होगा और भारत के विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था में परिवर्तन में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा शक्ति, NIPERs के विस्तार, क्लिनिकल ट्रायल नेटवर्क और मेडिकल टूरिज्म हब जैसी पहल भारत को किफायती, उच्च-गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा और जैविक दवाओं के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी। उन्होंने नारियल उगाने वाले राज्यों और भारतीय काजू और नारियल क्षेत्रों पर दिए गए ध्यान का भी स्वागत किया, और कहा कि इससे कृषि-प्रसंस्करण, किसानों की आय और तटीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा मिलेगा।

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी 3.0 कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया, जबकि फाइनेंस मिनिस्टर के रूप में ये उनका 9वां बजट है।
संसद में केंद्रीय बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि “सरकार सामाजिक जरूरतों से समझौता किये बिना लगातार राजकोषीय वचनबद्धताओं को पूरा करती रही है।” इसी के अनुरूप, ऋण-से-जीडीपी अनुपात संशोधित अनुमान 2025-26 में जीडीपी के 56.1 प्रतिशत की तुलना में बजट अनुमान 2026-27 में जीडीपी के 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। गिरता हुआ ऋण-से-जीडीपी अनुपात धीरे-धीरे ब्याज भुगतान पर व्यय को कम करके प्राथमिक क्षेत्र के व्यय के लिए संसाधनों को मुक्त करेगा।
राजकोषीय घाटा
राजकोषीय घाटा, जोकि ऋण लक्ष्य के लिए एक मुख्य प्रचालनात्मक लिखत है, के बारे में बात करते हुए श्रीमती सीतारमण ने संसद को सूचित किया कि वित्त वर्ष 2021-2022 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे कम करने के लिए की गई वचनबद्धता को पूरा किया गया है। संशोधित अनुमान 2025-26 में राजकोषीय घाटा का अनुमान जीडीपी के 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ऋण समेकन की नई राजकोषीय दूरदर्शिता के अनुरूप, बजट अनुमान 2026-27 राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
संशोधित अनुमान (आरई) 2025-26
वित्त मंत्री ने सूचित किया कि “गैर-ऋण प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 34 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से केंद्रर की निवल कर प्राप्तियां 26.7 लाख करोड़ रुपये है। कुल व्यय का संशोधित अनुमान 49.6 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से पूंजीगत व्यय 11 लाख करोड़ रुपये है। ”
बजट अनुमान (बीई) 2026-27
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि “गैर-ऋण प्राप्तियां और कुल व्यय का अनुमान क्रमशः 36.5 लाख करोड़ रुपये और 53.5 लाख करोड़ रुपये है। केंद्र की निवल कर प्राप्तियों का अनुमान 28.7 लाख करोड़ रुपये है।”
निवल बाजार उधारी
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि “राजकोषीय घाटे के वित्तपोषण हेतु, दिनांकित प्रतिभूतियों से निवल बाजार उधारी का अनुमान 11.7 लाख करोड़ रुपये है। शेष वित्तपोषण छोटी बचतों और अन्य स्रोतों के आने की संभावना है। सकल बाजार उधारी का अनुमान 17.2 लाख करोड़ रुपये है। ”

बजट की मुख्य बातें।
*युवा शक्ति संचालित बजट गरीब, शोषित व वंचित समुदायों पर विशेष ध्यान के सरकार के संकल्प पर जोर देता है
*कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट, जो तीन कर्तव्यों से प्रेरित है
*पहला कर्तव्य है आर्थिक वृद्धि को तेज करना व बनाए रखना
*दूसरा कर्तव्य है लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना
*तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के विज़न से जुड़ा है
*नया आयकर अधिनियम, 2025; अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा, सरलीकृत आयकर नियम और फॉर्म जल्द ही अधिसूचित किए जाएगे
*जुर्माना और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाने के लिए प्रक्रियाओं की गुणत्मकता को कम करना जरूरी
*कुछ प्राथमिक सहकारी समितियों को प्राप्त रियायत को पशु खाद्य और कपास बीच तक विस्तारित किया जाएगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी रविवार को देश का आम बजट 2026 लोकसभा में पेश किया और अपने भाषण में कई बड़े ऐलान किये। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि खासतौर पर ऐसी वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटाई जा रही है, जो भारत में निर्मित होती हैं. उन्होंने कुछ सामानों कुछ सामानों का जिक्र करते हुए कहा कि लेदर, टेक्सटाइल का एक्सपोर्ट भी अब ड्यूटी फ्री होगा। इन पर कस्टम ड्यूटी घटाई जा रही है। डिफेंस सेक्टर में बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट दी जाएगी. इसमें व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात की जाने वाली वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ दर (Tariff) को 20% से घटाकर 10% किए जाने का ऐलान भी किया गया.
कई चीज़ों की दर सस्ती की गयी है। कपड़े , लेदर आइटम  ,सिंथेटिक फुटवियर।, चमड़े के उत्पाद , कैंसर-शुगर की 17 दवाएं ड्यूटी फ्री , बीड़ी, लिथियम आयन सेल , मोबाइल बैटरियां होंगी सस्ती, सोलर ग्लास होंगे सस्ते , मिक्स्ड गैस सीएनजी, ईवी, माइक्रोवेब ओवन, विमानों का ईंधन और विदेश यात्रा सस्ता हुआ है।
कच्चे चमड़े और इससे जुड़े माल पर ड्य़ूटी कट से जहां जूते-बैग सस्ते होने वाले हैं, तो वहीं मोबाइल फोन में यूज होने वाले पार्ट्स जैसे बैटरियां सस्ती होंगे, जिससे फोन की कीमतें भी घट सकती हैं. इसके अलावा सरकार ने विदेश में पढ़ाई सस्ती करने से जुड़ा बड़ा ऐलान किया है, क्योंकि टीसीएस इंटरेस्ट रेट को 5% से कम करके अब 2% किया है. वहीं स्पोर्ट्स से जुड़े आइटम्स भी सस्ते होने वाले हैं, इन सामानों पर भी कस्टम ड्यूटी घटाई गई है।
इसके अलावा जिन सेक्टर्स में कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी की गई है, यानी जो चीजें महंगी होने वाली हैं. उनमें सबसे ऊपर शराब, स्क्रैप और खनिज शामिल हैं।
केंद्रीय बजट 2026-27 में प्रत्‍यक्ष कर प्रस्‍तावों में दंड और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाने की घोषणा के गयी है। कर-निर्धारण और दंड कार्यवाहियों को एकीकृत करने का प्रस्‍ताव जिससे प्रक्रियाओं के दोहराव से बचा जा सके और व्‍यवसाय में सुगमता को बढ़ावा दिया जा सक। पुराने प्रभाव के साथ 01.10.2024 से 20 लाख रुपये से कम के सकल मूल्य वाली अचल वि‍देशी परिसंपत्ति को घोषित न किए जाने पर फिलहाल कोई दंड नहीं, ऐसे मामलों में अभियोजन से सुरक्षा देते हुए इसे लागू किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। वित्त मंत्री ने कुछ गंभीर अपराधों के रोकने के संबंध में सावधानीपूर्वक संतुलन बनाते हुए आयकर अधिनियम के अंतर्गत अभियोजन ढांचे को युक्तिसंगत बनाने का प्रस्‍ताव रखा है।
अनुमानित आधार पर कर का भुगतान करने वाले सभी अप्रवासियों को न्‍यूनतम वैकल्पिक कर से छूट मिली। वर्ष 2047 तक वैसी किसी भी विदेशी कंपनी को कर रियायत है जो भारत से डाटा केन्‍द्र सेवाओं का उपयोग करके वैश्विक स्‍तर पर उपभोक्‍ताओं को क्‍लाउड सेवाएं प्रदान करती हैं । यदि भारत से डाटा केन्‍द्र सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी एक संबंधित कंपनी है तो उसे लागत पर 15 प्रतिशत का सेफ हार्बर होगा।
वित्त मंत्री ने बजट प्रस्‍तुत करते हुए कहा कि भारत सॉफ्टवेयर विकसित करने की सेवाओं, सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं, नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग सेवाओं और सॉफ्टवेयर विकास से संबंधित अनुबंध अनुसंधान और विकास सेवाओं में विश्‍व में अग्रणी है। ये व्‍यापारिक भाग एक-दूसरे से बहुत जुड़े हुए हैं। इन सभी सेवाओं को एक ही श्रेणी ‘सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएं’ के तहत लाने का प्रस्ताव है, जिसमें सभी के लिए 15.5 प्रतिशत का कॉमन सेफ हार्बर लाभ लागू होगा। केंद्रीय बजट 2026-27 में सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर का लाभ उठाने की सीमा को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

Goa Samachar
Author: Goa Samachar

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