
नयी दिल्ली : भारतीय नौसेना ने इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड (आरडीपी) के लिए 20 जनवरी, 2026 को अपना प्रेस पूर्वावलोकन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान कर्तव्य पथ पर आगामी राष्ट्रीय समारोहों में भाग लेने वाले नौसेना के मार्चिंग दस्ते, झांकी और बैंड का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया गया।
दल के कमांडर लेफ्टिनेंट करण नाग्याल ने मीडिया को इस संबंध में पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड एकता का एक शानदार प्रदर्शन है, जो राष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविधता, सैन्य शक्ति और तकनीकी प्रगति को प्रभावी रूप से प्रदर्शित करता है। गणतंत्र दिवस परेड और ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह में भाग लेने वाले सभी घटक भारतीय नौसेना की ‘लड़ाई के लिए तैयार, एकजुट व आत्मनिर्भर बल बनने तथा विकसित एवं समृद्ध भारत हेतु समुद्रों की रक्षा करने’ की परिकल्पना के अनुरूप राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति नौसेना की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
मार्चिंग दस्ता – इस वर्ष भारतीय नौसेना की परेड में 144 युवा नौसैनिक शामिल होंगे, जो ऐतिहासिक कर्तव्य पथ पर कंधे से कंधा मिलाकर मार्च करेंगे। यह परेड भारतीय नौसेना को एक प्रगतिशील, सशक्त और सक्षम समुद्री शक्ति के रूप में प्रस्तुत करती है। यह दस्ता ‘लघु भारत’ का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए नौसैनिक शामिल हैं। औसतन 25 वर्ष आयु वाले इन नौसैनिकों का चयन भारतीय नौसेना के विभिन्न विभागों से सावधानीपूर्वक किया गया है और परेड के लिए उन्हें दो महीने से अधिक समय का विशेष एवं गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
इस दल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट करण नाग्याल दल कमांडर के रूप में करेंगे, जबकि लेफ्टिनेंट पवन कुमार गांधी, लेफ्टिनेंट प्रीति कुमारी और लेफ्टिनेंट वरुण ड्रेवेरिया प्लाटून कमांडर के रूप में कार्य करेंगे।
नौसेना की झांकी – राष्ट्रीय हितों की रक्षा के गौरवशाली इतिहास से ओतप्रोत भारतीय नौसेना की गणतंत्र दिवस परेड-2026 की झांकी ‘एक सशक्त राष्ट्र के लिए एक सामर्थ्यवान नौसेना’ विषय का सजीव चित्रण प्रस्तुत करती है। इस झांकी में पांचवीं शताब्दी ईस्वी के एक प्राचीन रस्सियों से सिले हुए जहाज को प्रदर्शित किया गया है, जिसे अब आईएनएसवी कौंडिन्य नाम दिया गया है। इसके साथ ही मराठा नौसेना के गुरब श्रेणी के जहाजों तथा अग्रिम पंक्ति के स्वदेशी प्लेटफार्मों को भी दर्शाया गया है, जिनमें विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत, प्रोजेक्ट-17ए नीलगिरी श्रेणी के स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस हिमगिरी और आईएनएस उदयगिरी, एक कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी तथा जीसैट-7आर (प्रोजेक्ट रोहिणी) संचार उपग्रह शामिल हैं।
झांकी में ‘नविका सागर परिक्रमा–II’ अभियान के अंतर्गत आईएनएसवी तारिणी द्वारा अपनाए गए विश्व-भ्रमण मार्ग का भी चित्रण किया गया है। नौसेना कर्मियों के साथ-साथ, मुंबई में युवाओं को बुनियादी समुद्री कौशल प्रदान करने वाले गैर-सरकारी संगठन ‘सी कैडेट्स कोर’ के युवा कैडेट भी झांकी का हिस्सा होंगे। इस झांकी की परिकल्पना और डिजाइन भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो के कमांडर जुबैर सिद्दीकी तथा लेफ्टिनेंट लक्ष्मी के. रवि द्वारा की गई है।
नौसेना बैंड – भारतीय नौसेना बैंड में 80 संगीतकार शामिल होंगे, जिसका नेतृत्व प्रथम श्रेणी के संगीतकार एमसीपीओ एम. एंटनी राज करेंगे। यह बैंड 29 जनवरी, 2026 को आयोजित होने वाले ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह के दौरान मनमोहक और जोशीली धुनों के साथ विविध एवं प्रभावशाली संगीत रचनाओं की प्रस्तुति देगा। बैंड में अग्निवीर योजना के अंतर्गत चयनित छह महिला संगीतकार भी शामिल हैं।
कार्मिक सेवा नियंत्रक वाइस एडमिरल प्रवीण नायर ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय नौसेना की भागीदारी केवल उसकी सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने के उसके दृढ़ संकल्प को भी दर्शाती है। उन्होंने बताया कि नौसेना की झांकी माननीय प्रधानमंत्री के ‘समुद्र से समृद्धि’ के दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसका विषय ‘परंपरा में निहित, आत्मनिर्भरता एवं नवाचार की ओर अग्रसर’ है। यह भारत की प्राचीन जहाज निर्माण परंपराओं से लेकर भविष्य के लिए तैयार स्वदेशी बल के विकास की यात्रा को भी दर्शाती है। वाइस एडमिरल ने बताया है कि यह झांकी लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा के नेतृत्व में आईएनएसवी तारिणी पर सवार होकर ‘नविका सागर परिक्रमा–II’ अभियान के दौरान तय किए गए विश्व-भ्रमण मार्ग के चित्रण के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को सजीव रूप में प्रदर्शित करती है। इसके साथ ही इसमें सी कैडेट्स कोर की युवा बालिकाओं की सहभागिता भी है, जो 1980 के दशक में अपनी अंतिम भागीदारी के बाद गणतंत्र दिवस परेड में पुनः भाग ले रही हैं।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता विजय कुमार ने बताया कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए प्रेस पूर्वावलोकन भारतीय नौसेना के साथ प्रारंभ हो गए हैं और अगले कुछ दिनों तक जारी रहेंगे, जिससे मीडिया को तीनों सेनाओं तथा अन्य विभागों की तैयारियों का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज नौसेना के पूर्वावलोकन के उपरांत भारतीय वायु सेना 22 जनवरी, 2026 की सुबह और शेष विभाग उसी दिन दोपहर में अपना प्रेस पूर्वावलोकन आयोजित करेंगे, जिसके बाद 23 जनवरी, 2026 को भारतीय सेना का प्रेस पूर्वावलोकन होगा। प्रवक्ता ने यह भी जानकारी दी है कि यह चरणबद्ध प्रारूप प्रत्येक सैन्य सेवा और अन्य विभागों की भूमिकाओं, क्षमताओं तथा योगदान की विस्तृत समझ प्रदान करता है, साथ ही यह संयुक्तता के व्यापक लक्ष्य को भी स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड एक समग्र राष्ट्रीय प्रयास है, जो सेनाओं के बीच समन्वय, संयुक्त योजना एवं निर्बाध एकीकरण को प्रतिबिंबित करता है और उनकी तत्परता, व्यावसायिकता व उद्देश्य की एकता को दर्शाता है।
Author: Goa Samachar
GOA SAMACHAR (Newspaper in Rajbhasha ) is completely run by a team of woman and exemplifies Atamanirbhar Bharat, Swayampurna Goa and women-led development.












