


IFFI 2025 में ‘बिहार में सिनेमा का उदय’ पर रोचक संवाद, दिग्गजों ने साझा किए अनुभव
गोवा समाचार ब्यूरो
पणजी : फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को अब बिहार में फिल्म बनाने के लिए मिलेगा प्रोत्साहन। बिहार एक फिल्म प्रमोशन नीति प्रदान करता है जिसमें महत्वपूर्ण सब्सिडी शामिल हैं, जिसमें पहली बार बनने वाली फीचर फिल्मों के लिए अधिकतम 4 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी शामिल है, बशर्ते वे विशिष्ट मानदंडों को पूरा करें। मिली जानकारी के अनुसार, प्रमुख प्रोत्साहनों में कुल लागत का 25% आधार सब्सिडी, बिहार के सकारात्मक प्रचार के लिए अतिरिक्त 50 लाख रुपये और स्थानीय कलाकारों को कास्ट करने के लिए 25 लाख रुपये तक का अतिरिक्त अनुदान शामिल है। टीवी धारावाहिकों के लिए, निर्माण लागत का 25% (अधिकतम 1 करोड़ रुपये) तक की सहायता दी जाती है, बशर्ते कि 90% दृश्य बिहार में फिल्माए जाएँ।
गोवा में जारी 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के मंच पर बुधवार 23 नवंबर 2025 को नॉलेज सीरीज़ के अंतर्गत “रूटेड इन रीजन: बिहार्स इमर्जिंग सिनेमा (जड़ से जुड़ाव–बिहार में सिनेमा का उदय)” विषय पर एक विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस सत्र में बिहार की बदलती फिल्म इंडस्ट्री, नई संभावनाओं, और क्षेत्रीय सिनेमा की बढ़ती ताकत पर विस्तार से बातचीत हुई।

चर्चा में बिहार के फिल्म विकास को आगे बढ़ाने वाली प्रमुख हस्तियाँ एक साथ मंच पर मौजूद रही और अपने विचार साझा किये।
प्रणव कुमार, प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम तथा सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ,अभिनेत्री एवं फिल्म प्रोड्यूसर नीतू चंद्रा , इंडियन मोशन पिक्चर एसोसिएशन (IMPA) के अध्यक्ष एवं प्रोड्यूसर अभय सिन्हा, अभिनेता विनीत कुमार एवं अभिनेता एवं निर्माता विकास कुमार बतौर पैनेलिस्ट मौजूद रहे है और जाने माने भारतीय फिल्म व्यापार विश्लेषक कोमल नाहटा ने पैनल का संचालन किया।
बातचीत में इस बात को स्वीकार किया गया कि बिहार आज भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। स्थानीय कहानियाँ, वास्तविक जीवन के संघर्ष, सामाजिक-सांस्कृतिक विविधता और प्रादेशिक भाषा की ऊर्जा- ये सभी तत्व बिहार की फिल्मों को अलग पहचान देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि OTT प्लेटफॉर्म और नई तकनीक ने बिहार की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
प्रणव कुमार ने राज्य सरकार की नई फिल्म नीति, फिल्मों को प्रोत्साहन देने वाले कदमों और शूटिंग के लिए बिहार की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
नीतू चंद्रा ने बताया कि बिहार की कहानियाँ वैश्विक मंच पर भी उतनी ही प्रभावशाली हैं और राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।

अभय सिन्हा और विनीत कुमार ने क्षेत्रीय सिनेमा को मजबूत करने में उद्योग और कलाकारों की साझा भूमिका पर विचार रखा।
वहीं विकास कुमार ने कहा कि बिहार की जमीन कहानियों से भरी है, जरूरत सिर्फ अवसर और सही मंच की है।
कार्यक्रम का संचालन फिल्म ट्रेड विश्लेषण के जाने-माने विशेषज्ञ और फिल्म इन्फॉर्मेशन के एडिटर कोमल नाहटा ने किया।

गोवा इफ्फी 56 में आए युवा फिल्म निर्माता सागर श्रीवास्तव ने कहा कि ,’चार दिनों तक बिहार ने फिल्म बाज़ार में अपनी नई फिल्म नीति, राज्य की बदलती सकारात्मक छवि, विविध और आकर्षक लोकेशन, तथा फिल्म निर्माताओं के लिए बढ़ते अवसरों को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया। बिहार के समृद्ध विरासत के विस्तार का माध्यम बने फिल्म और एंटरटेनमेंट की दुनिया, यही प्रयास है जो आगे भी जारी रहेगी। अब आएं बिहार !’
Author: Goa Samachar
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