सेना से फैशन की दुनिया तक: कैप्टन राजेश यादव ने रचा इतिहास

सेना से फैशन की दुनिया तक: कैप्टन राजेश यादव ने रचा इतिहास

पणजी :इस कहावत को एक बार फिर साबित कर दिया गया कि उम्र केवल एक संख्या है। डाबोलिम के पूर्व सेना अधिकारी कैप्टन राजेश यादव ने मुंबई में आयोजित ‘मिस्टर एंड मिस सीनियर फैशन पेजेंट इंडिया 2025’ के पुरुष वर्ग में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया। यह प्रतियोगिता पीच इवेंट्स की संस्थापक रेखा देसाई द्वारा 55 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार आयोजित की गई।

कैप्टन यादव का इस प्रतियोगिता तक पहुँचना अपने आप में एक दिलचस्प कहानी है। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने इसमें भाग लेने का निर्णय लिया। कॉलेज जीवन में उन्होंने ‘मिस्टर हॉर्टिकल्चर’ का खिताब जीता था, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर यह उनका पहला अनुभव रहा।

प्रतियोगिता की तैयारी पाँच महीने पहले ऑनलाइन राउंड्स से शुरू हुई, जिसमें प्रश्नोत्तर, कैटवॉक और परिचय शामिल थे। इनमें से 16 पुरुष और 20 महिलाएँ मुंबई फाइनल के लिए चुने गए। फाइनल के चार दिनों तक प्रतिभागियों को ग्रूमिंग, स्टेज प्रेज़ेंस, माइक हैंडलिंग और रैंप वॉक जैसी कार्यशालाओं से गुज़रना पड़ा। टैलेंट राउंड में प्रतिभागियों ने गायन और नृत्य जैसी प्रस्तुतियों से अपने कौशल का प्रदर्शन किया।

सेना से फैशन की दुनिया तक: कैप्टन राजेश यादव ने रचा इतिहास

यादव ने अपनी सफलता का श्रेय आत्मविश्वास और अनुशासन को दिया। उन्होंने कहा, “मैं पूरे समय खुद को ‘स्टूडेंट मोड’ में रखता रहा, जिससे सीखना और नए अनुभवों को आत्मसात करना आसान हो गया।”

अपने परिवार की अनुपस्थिति को वे इस उपलब्धि की एकमात्र कमी मानते हैं, हालांकि उनकी जीत से परिवार बेहद उत्साहित है। पत्नी आरती ने पहले ही उनके खिताब जीतने की भविष्यवाणी कर दी थी, जबकि बच्चे राशि और अर्थ उनके लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने रहे। यादव ने कहा कि उनकी माँ और भाई-बहनों को भी पूरा विश्वास था कि वे जीतकर लौटेंगे।

सेना की सख्त ज़िंदगी जी चुके यादव को अब फैशन की दुनिया में नई ऊँचाइयाँ छूने का सपना है। वे मॉडलिंग, एक्टिंग और विज्ञापनों में अवसर तलाशने की योजना बना रहे हैं। साथ ही, व्यावसायिक क्षेत्र में उनकी कंपनियों का फोकस अब भी नई तकनीकों को वैश्विक स्तर तक पहुँचाने पर है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए उनका स्पष्ट संदेश है – “उम्र कभी भी हमारे सपनों के रास्ते में रुकावट नहीं बनती। हमें अपनी प्रतिभा का पूरा उपयोग करते हुए अपने सपनों का पीछा करना चाहिए।”

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Goa Samachar
Author: Goa Samachar

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